चारधाम यात्रा 2026 होगी हाईटेक निगरानी में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
The 2026 Char Dham Yatra will be under high-tech surveillance
देहरादून। The 2026 Char Dham Yatra will be under high-tech surveillance, आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार इस बार हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रही है।
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख पड़ावों, संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से चौबीस घंटे नजर रखी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य न केवल किसी भी आपात स्थिति पर त्वरित प्रतिक्रिया देना है, बल्कि यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को भी प्रभावी बनाना है।
प्रदेश में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु चारधाम के दर्शन को आते हैं। सरकार का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित व निरापद बनाने का है।
इसके लिए पुलिस, स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य, परिवहन समेत कई विभाग मुख्य भूमिका में रहते हैं। सरकार का ध्यान मुख्य रूप से पर्वतीय मार्गों पर पर संभावित जोखिमों, जाम की स्थिति और मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने पर है।
इसके लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करना आवश्यक है। इसे देखते हुए इस वर्ष चारधाम यात्रा मार्ग पर सभी प्रमुख स्थलों पर सीसी कैमरे और ड्रोन तैनात करने की तैयारी है।
यह कैमरे आइटीडीए के सहयोग से पुलिस विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। आधुनिक तकनीक से लैस यह निगरानी व्यवस्था कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ी रहेगी, जिससे हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रखी जा सकेगी।
गृह विभाग ने इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी उपकरणों की स्थापना और परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही ड्रोन के संचालन के लिए प्रशिक्षित टीमों की तैनाती भी की जाए। योजना भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों, मंदिर परिसरों और यात्रा मार्ग के संवेदनशील बिंदुओं पर सीसी कैमरे तैनात करना है।
वहीं, ड्रोन के जरिए ऊंचाई वाले और दुर्गम क्षेत्रों पर भी नजर रखी जा सकेगी, जहां सामान्य निगरानी संभव नहीं होती।
सचिव गृह शैलेश बगौली का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित व निरापद बनाने को पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।